आचार्य उदय
Wednesday, July 29, 2015
शिक्षा
"जो शिक्षा … व्यवहारिक जीवन में बुद्धिमान, धूर्त व मूर्ख मित्रों के … बुद्धिमतापूर्ण, धूर्ततापूर्ण व मूर्खतापूर्ण आचरण व व्यवहार से मिल सकती है … वह शिक्षा किसी भी पाठशाला व गुरुकुल में मिलना लगभग असंभव है !"
~ आचार्य उदय
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