"जिस प्रकार कभी कभी महज एक इत्तेफाक इंसान को ज़मीन से उठा कर आसमान पर
बैठा देता है तो ठीक उसी प्रकार कभी कभी महज एक संयोग पैर के तले की ज़मीन
खींच लेता है और इंसान को सीधे ज़मीन पर औंधे मुंह पटक देता है ...
ये घटनाएँ साधारण होतीं हैं या असाधारण यह सवाल हमारे जेहन में गूंजने लगता है, गूंजते रहता है … कभी हम निष्कर्ष पर पहुँच जाते हैं तो कभी कन्फ्यूज रह जाते हैं …
आज इस चर्चा का अभिप्राय मात्र इतना है कि - जो लोग ईश्वर के अस्तित्व के सम्बन्ध में संशय व दुविधा में हैं … उन्हें जाकर इन दोनों (उपरोक्त व्यक्तियों) से पूंछना चाहिए कि - ईश्वर है या नहीं ?"
संभवत: उनके उत्तरों से संशय दूर हो जाए !!!
~ आचार्य उदय
ये घटनाएँ साधारण होतीं हैं या असाधारण यह सवाल हमारे जेहन में गूंजने लगता है, गूंजते रहता है … कभी हम निष्कर्ष पर पहुँच जाते हैं तो कभी कन्फ्यूज रह जाते हैं …
आज इस चर्चा का अभिप्राय मात्र इतना है कि - जो लोग ईश्वर के अस्तित्व के सम्बन्ध में संशय व दुविधा में हैं … उन्हें जाकर इन दोनों (उपरोक्त व्यक्तियों) से पूंछना चाहिए कि - ईश्वर है या नहीं ?"
संभवत: उनके उत्तरों से संशय दूर हो जाए !!!
~ आचार्य उदय
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