Tuesday, September 29, 2015

दीपक

"दीपक कितना ही प्रकाशवान क्यों न हो … अगर वह अपने तले ( नीचे अर्थात घर ) के अँधेरे को नहीं मिटा सकता … तो … सब व्यर्थ है !"

~ आचार्य उदय

आभार नवप्रदेश ...


शिक्षा

"शिक्षा के प्रति हमारा नजरिया सिर्फ दो प्रकार का होना चाहिए … सीखने वाले के लिए कर्तव्य का .... तथा सिखाने वाले के लिए दायित्व का … शिक्षा के क्षेत्र में सुविधा ( सुविधा का अभाव है, सुविधा उपलब्ध कराई गई है ) जैसे शब्दों का उपयोग एक प्रकार से अपने अपने कर्तव्यों व दायित्वों से पल्ला झाड़ने के सामान है !"

~ आचार्य उदय

कल्पना

"हम सेक्स के बगैर … इस संसार की कल्पना नहीं कर सकते … और जो करते हैं … दरअसल वो इस संसार का अंत चाहते हैं !"

~ आचार्य उदय

सफर

"वैसे तो … सफर अकेले का ही है … अगर दो-चार … मिलते, चलते, गुजरते रहें … तो जिंदगी का आनंद ही कुछ और है !"

~ आचार्य उदय

Strategy

"Nothing is in your hand and nothing is our strategy ... we all are working on to fulfill of God's strategy ... reality is, we are an Actor and God is Director ... what is the climax and what is the goal of our life that is always surprising !"

~ Aachaary Uday

Tuesday, September 22, 2015

आश्चर्य

"कलयुग है … इसलिए परिणामों को देख-सुन कर आश्चर्यचकित होने की जरुरत नहीं है !"

~ आचार्य उदय

Monday, September 21, 2015

True colors of Friends

"If you want to see true colors of your friends, observe them when your pocket is empty !"

~ Aachaary Uday

मौन

"मौन रहना ध्यान का सबसे सहज व सरल स्वरूप है !"

~ आचार्य उदय

विषय-वस्तु

"कोई विषय-वस्तु सही है अथवा गलत, … यह हमारे नजरिये, हमारी सोच, हमारी विचारधारा पर निर्भर है, … हम गलत भी हो सकते हैं !"

~ आचार्य उदय

हीन भावना

"जो सेक्स को हीन भावना से देखते हैं दरअसल वो सेक्स से मिलने वाली तृप्ति, संतुष्टि व नवीन सृजनशीलता से अंजान होते हैं !"

~ आचार्य उदय

आनंद

"सेक्स भी प्रेम का ही एक रूप है, फुरसत के क्षणों में इसका भी भरपूर आनंद लेना चाहिए !"

~ आचार्य उदय

आभार नवप्रदेश ...


नीयत

"जिनकी नीयत ठीक नहीं है, वे ठीक होकर भी ठीक नहीं हैं !"

~ आचार्य उदय

स्वार्थीपन

"जब हमारा स्वार्थीपन हमारे व्यवहार में झलकने लगे, तब हमें स्वमेव यह समझ जाना चाहिए कि - अब हम अकेले हैं … अर्थात अब कोई ... दिल से हमारे साथ नहीं है !"

~ आचार्य उदय

स्वार्थ व अहंकार

"हमें व्यक्तिगत स्वार्थों व अहंकारों को सच्ची मित्रता से दूर रखना चाहिए अन्यथा मित्रता मित्रता न रहकर शत्रुता का रूप ले लेगी !"

~ आचार्य उदय

साहसी

"जिनमें सत्य को सुनने, सहने व हजम का साहस है वे सही मायने में सच्चे साहसी हैं !"

~ आचार्य उदय