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Friday, August 28, 2015

जहर

"माया, मोह और वासना … आध्यात्मिक व धार्मिक गुरुओं के लिए जहर के समान हैं !"

~ आचार्य उदय

महत्वपूर्ण

"हम … गुरु हैं या शिष्य हैं यह महत्वपूर्ण नहीं है … हमारे जीवन में अगर कुछ महत्वपूर्ण है तो वो है कि हमारे जीवन में … शांति कितनी है …धैर्य कितना है … संतोष कितना है …सौंदर्य कितना है …मनोरम कितना है …खुशबू कितनी है …प्रकाश कितना है …
अगर ये सब नहीं है तो फिर कुछ नहीं है …शिष्य होना भी कुछ नहीं है, गुरु होना भी कुछ नहीं है !"

~ आचार्य उदय

Friday, July 31, 2015

सत्य का मार्ग

"जो सत्य का मार्ग दिखाए, वही गुरु है !"

~ आचार्य उदय

Friday, July 17, 2015

माता-पिता

"माता-पिता ... न सिर्फ हमारे प्रथम गुरु होते हैं वरन वे हमारे अंगरक्षक भी होते हैं, एक मात्र वे ही हैं इस मायावी संसार में जो अपने पुत्र-पुत्री रूपी शिष्यों के कल्याण के लिए निस्वार्थरुप से सदैव जागरुक व प्रार्थनारत रहते हैं !"

~ आचार्य उदय

जिज्ञासा व लालसा

"यदि हम यह कहें कि - हम गुरु के बगैर सब कुछ सीख सकते हैं तो यह हमारा अहंकार है,
और ठीक इसके विपरीत यदि कोई यह कहे कि - गुरु के बगैर कुछ भी सीखना संभव नहीं है तो यह उसका भ्रम व अहंकार है,
तथा यदि गुरु स्वयं यह कहे कि - गुरु ही एक मात्र माध्यम है सीखने का, तो यह उसका अहंकार है ...
अभिप्राय यह है कि - सीखने व जानने के लिए सर्वाधिक जरुरी कोई विषय-वस्तु है तो वह है जिज्ञासा व लालसा, जिसके अभाव में न तो हम कुछ सीख सकते हैं और न ही कोई गुरु कुछ सिखा सकता है !"

~ आचार्य उदय

Tuesday, June 23, 2015

गुरु

" गुरु सिर्फ वह नहीं होता जो हमें प्रत्यक्ष रूप से शिक्षा देता है बल्कि गुरु वह भी है जिससे हम अप्रत्यक्ष रूप से कुछ सीख लेते हैं !"
~ आचार्य उदय