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Sunday, August 30, 2015

लालच व बेईमानी

"इस मायावी संसार में … लालच व बेईमानी ऐसी दो अदभुत शक्तियां हैं जो इंसान को अपना गुलाम बना लेती हैं … और फिर … गुलाम वही करता है जो उसका मालिक कहता है ?"

~ आचार्य उदय

Friday, August 28, 2015

ललक

"सीखने की ललक.....हमें वह शक्ति प्रदान करती है जिसके सहारे हम सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड तक की सैर कर सकते हैं !"

~ आचार्य उदय

Friday, July 31, 2015

प्रयास

"प्रयासों को न रोकें … इस मायावी संसार में कुछ भी असंभव नहीं है !"
~ आचार्य उदय

माया

"मित्रो, यह संसार एक मायावी संसार है … इस संसार की माया अपरम्पार है … उदाहरण के तौर पर … जिसके पास भूख है उसके पास अन्न नहीं है और जिसके पास अन्न के भण्डार भरे पड़े हैं उसे भूख नसीब नहीं है … अर्थात जिसके पास दाँत हैं उसके पास चने नहीं हैं और जिसके पास चने हैं उसके पास दाँत नहीं हैं … सब माया है …

लेकिन इसका अभिप्राय यह नहीं है कि आनंद नहीं है … चँहू ओर आनंद ही आनंद है … जो इस माया को समझ गया सो समझो वह तर गया, और जो नहीं समझा तो नहीं समझा … खैर, मेरा मानना तो यह है कि यह संसार एक पहेली जैसा है जिसने पहेली बूझ ली वह आनंद में है और जो नहीं बबूझ पाया वह भटक रहा है …

इतिहास में बहुत ही कम लोग हैं जिन्होंने समय रहते इस पहेली अर्थात माया को समझा है और उसका आनंद उठाया है … जो समझ गया उसने आनंद उठा लिया और जो नहीं समझा … खैर, फिलहाल तो आपकी, हमारी, हम सब की बारी है … मायावी संसार … माया … आनंद … जय हो !"

~ आचार्य उदय

Saturday, July 11, 2015

इच्छाशक्ति

"इस मायावी संसार में ... कोई भी कार्य कठिन नहीं है ... किन्तु जब किसी कार्य की पूर्णता के पूर्व हमारी दृढ़ इच्छाशक्ति क्षीण हो जाती है तो उसे हम कठिन मान लेते हैं ... लेकिन ... अगर ... हम चाहें तो ... हमारी किताब में कठिन जैसे शब्द रहें ही न !"
~ आचार्य उदय

Friday, June 26, 2015

सीख

"इस मायावी संसार में ... प्रचलित किसी भी विधा, किसी भी धर्म, किसी भी संस्कृति को नजर अंदाज करने का तात्पर्य ... स्वयं को कुछ सीखने अथवा जानने से वंचित करना है !"

~ आचार्य उदय