Showing posts with label मानव धर्म. Show all posts
Showing posts with label मानव धर्म. Show all posts

Wednesday, July 29, 2015

मानव धर्म

"आपसी प्रेम व सौहार्द्र ही मानव धर्म है ... और समर्पण की भावना उसकी आधारशिला है !"

~ आचार्य उदय

Monday, June 29, 2015

धर्म-अधर्म क्या है ?

धर्म-अधर्म क्या है ?
"मानव धर्म व मानवीय दृष्टिकोण से देखें तो ... धर्म व अधर्म की बेहद संक्षिप्त परिभाषा है ... सदभावना पूर्ण ढंग से किये गये कार्य धर्म हैं ... तथा दुर्भावना पूर्ण ढंग से किये गये कार्य अधर्म हैं !"

~ आचार्य उदय