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Friday, August 28, 2015

जहर

"माया, मोह और वासना … आध्यात्मिक व धार्मिक गुरुओं के लिए जहर के समान हैं !"

~ आचार्य उदय

Friday, July 24, 2015

धार्मिकता

"जब हम दिखावे के लिए धार्मिकता का सहारा लेते हैं तब हमारी हरकतें खुद ब खुद जोकरों सी हो जाती हैं !"

~ आचार्य उदय

Thursday, July 2, 2015

कर्म ही धर्म है !

"धर्म का सीधा सम्बन्ध कर्म से है … यदि हमारे कर्मों में लालच, छल व अत्याचार के भाव समाहित नहीं हैं तो हमारे कर्म ही धर्म हैं !"
~ आचार्य उदय

Monday, June 29, 2015

धर्म-अधर्म क्या है ?

धर्म-अधर्म क्या है ?
"मानव धर्म व मानवीय दृष्टिकोण से देखें तो ... धर्म व अधर्म की बेहद संक्षिप्त परिभाषा है ... सदभावना पूर्ण ढंग से किये गये कार्य धर्म हैं ... तथा दुर्भावना पूर्ण ढंग से किये गये कार्य अधर्म हैं !"

~ आचार्य उदय

Friday, June 26, 2015

सीख

"इस मायावी संसार में ... प्रचलित किसी भी विधा, किसी भी धर्म, किसी भी संस्कृति को नजर अंदाज करने का तात्पर्य ... स्वयं को कुछ सीखने अथवा जानने से वंचित करना है !"

~ आचार्य उदय

Tuesday, June 23, 2015

महान

"रंग, रूप, आकार, जाति, धर्म, संप्रदाय, मनुष्य की पहचान बन सकते हैं किंतु ये मनुष्य को महान नहीं बना सकते !"
~ आचार्य उदय