Thursday, July 2, 2015

कर्म ही धर्म है !

"धर्म का सीधा सम्बन्ध कर्म से है … यदि हमारे कर्मों में लालच, छल व अत्याचार के भाव समाहित नहीं हैं तो हमारे कर्म ही धर्म हैं !"
~ आचार्य उदय

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