आचार्य उदय
Friday, July 24, 2015
ध्यान
"हमारा मन ... हर क्षण समुद्री लहरों की भांति हिलोरें मारते रहता है उसे एक दिशा प्रदाय कर उस पर निरंतर चलते रहना ही ध्यान है !"
~ आचार्य उदय
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