"इस
मायावी संसार में ... कोई भी कार्य कठिन नहीं है ... किन्तु जब किसी कार्य
की पूर्णता के पूर्व हमारी दृढ़ इच्छाशक्ति क्षीण हो जाती है तो उसे हम
कठिन मान लेते हैं ... लेकिन ... अगर ... हम चाहें तो ... हमारी किताब में
कठिन जैसे शब्द रहें ही न !"
~ आचार्य उदय
~ आचार्य उदय
No comments:
Post a Comment