Friday, July 17, 2015

माता-पिता

"माता-पिता ... न सिर्फ हमारे प्रथम गुरु होते हैं वरन वे हमारे अंगरक्षक भी होते हैं, एक मात्र वे ही हैं इस मायावी संसार में जो अपने पुत्र-पुत्री रूपी शिष्यों के कल्याण के लिए निस्वार्थरुप से सदैव जागरुक व प्रार्थनारत रहते हैं !"

~ आचार्य उदय

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