"शिव है तो शक्ति है, शक्ति है तो शिव है … यदि कोई एक नहीं है तो दूसरा
भी नहीं है, … दोनों का अस्तित्व एक दूसरे के साथ है, एक दूसरे के लिये
है, … स्त्री-पुरुष भी उन्हीं के अंश हैं, रूप हैं, … इनकी कल्पना भी पृथक
पृथक निरर्थक है ! "
~ आचार्य उदय
~ आचार्य उदय
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