धर्म-अधर्म क्या है ?
"मानव धर्म व मानवीय दृष्टिकोण से देखें तो ... धर्म व अधर्म की बेहद संक्षिप्त परिभाषा है ... सदभावना पूर्ण ढंग से किये गये कार्य धर्म हैं ... तथा दुर्भावना पूर्ण ढंग से किये गये कार्य अधर्म हैं !"
~ आचार्य उदय
"मानव धर्म व मानवीय दृष्टिकोण से देखें तो ... धर्म व अधर्म की बेहद संक्षिप्त परिभाषा है ... सदभावना पूर्ण ढंग से किये गये कार्य धर्म हैं ... तथा दुर्भावना पूर्ण ढंग से किये गये कार्य अधर्म हैं !"
~ आचार्य उदय
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