"हम … गुरु हैं या शिष्य हैं यह महत्वपूर्ण नहीं है … हमारे जीवन में
अगर कुछ महत्वपूर्ण है तो वो है कि हमारे जीवन में … शांति कितनी है …धैर्य
कितना है … संतोष कितना है …सौंदर्य कितना है …मनोरम कितना है …खुशबू
कितनी है …प्रकाश कितना है …
अगर ये सब नहीं है तो फिर कुछ नहीं है …शिष्य होना भी कुछ नहीं है, गुरु होना भी कुछ नहीं है !"
~ आचार्य उदय
अगर ये सब नहीं है तो फिर कुछ नहीं है …शिष्य होना भी कुछ नहीं है, गुरु होना भी कुछ नहीं है !"
~ आचार्य उदय
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