Friday, August 28, 2015

महत्वपूर्ण

"हम … गुरु हैं या शिष्य हैं यह महत्वपूर्ण नहीं है … हमारे जीवन में अगर कुछ महत्वपूर्ण है तो वो है कि हमारे जीवन में … शांति कितनी है …धैर्य कितना है … संतोष कितना है …सौंदर्य कितना है …मनोरम कितना है …खुशबू कितनी है …प्रकाश कितना है …
अगर ये सब नहीं है तो फिर कुछ नहीं है …शिष्य होना भी कुछ नहीं है, गुरु होना भी कुछ नहीं है !"

~ आचार्य उदय

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