आचार्य उदय
Friday, August 28, 2015
सृजन
"शिवलिंग … अर्थात शिव-शक्ति का मिलन … अर्थात … सम्भोग मुद्रा ही शिवलिंग है … यह स्त्री व पुरुष की पूर्णता, एकाकार व नवीन सृजन का प्रतीक है !"
~ आचार्य उदय
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