आचार्य उदय
Sunday, August 2, 2015
अश्लीलता
"अश्लीलता वह है … जिसे हम, हमारा मन, हमारी विचारधारा अश्लील मान रही है अन्यथा संसार की कोई भी वस्तु, तस्वीर, संस्कृति, परंपरा, हाव-भाव … अपने आप में अश्लील नहीं है !"
~ आचार्य उदय
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