"जब हमारी जेब में पैसे नहीं होते हैं तब हम कुछ भी खरीदने की स्थिति
में नहीं होते हैं ... लेकिन ... उस समय भी हमारे दिल-और-दिमाग में खुशियों
व योजनाओं के अंबार होते हैं ... अगर हम चाहें तो लोगों को सुनहरे सपने
बेच सकते हैं !"
~ आचार्य उदय
~ आचार्य उदय
No comments:
Post a Comment