Sunday, August 30, 2015

सपने

"जब हमारी जेब में पैसे नहीं होते हैं तब हम कुछ भी खरीदने की स्थिति में नहीं होते हैं ... लेकिन ... उस समय भी हमारे दिल-और-दिमाग में खुशियों व योजनाओं के अंबार होते हैं ... अगर हम चाहें तो लोगों को सुनहरे सपने बेच सकते हैं !"

~ आचार्य उदय

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