आचार्य उदय
Monday, September 21, 2015
स्वार्थ व अहंकार
"हमें व्यक्तिगत स्वार्थों व अहंकारों को सच्ची मित्रता से दूर रखना चाहिए अन्यथा मित्रता मित्रता न रहकर शत्रुता का रूप ले लेगी !"
~ आचार्य उदय
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